वाराणसी में शुरू हुई भारत की पहली हाइड्रोजन-चालित वाटर टैक्सी, गंगा में हरित परिवहन की नई शुरुआत
वाराणसी: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वाराणसी भारत का पहला शहर बन गया है जहां हाइड्रोजन-चालित वाटर टैक्सी सेवा की शुरुआत की गई है। इस अत्याधुनिक सेवा का उद्घाटन नामो घाट पर किया गया।
🌿 गंगा में हरित जल परिवहन को बढ़ावा
यह पहल गंगा नदी में ग्रीन और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक हाइब्रिड तकनीक पर आधारित यह नाव पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है, जिससे न तो धुआं निकलता है और न ही शोर प्रदूषण होता है।
🚤 कोचिन शिपयार्ड में निर्मित अत्याधुनिक नाव
इस विशेष वाटर टैक्सी का निर्माण कोचिन शिपयार्ड में किया गया है। यह नाव हाइब्रिड इलेक्ट्रिक-हाइड्रोजन इंजन से चलती है और एक बार में 50 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है।
📍 रूट और किराया
फिलहाल यह वाटर टैक्सी नामो घाट से रविदास घाट के बीच संचालित की जा रही है। यह सेवा प्रतिदिन कई चक्कर लगाएगी।
- रूट: नामो घाट ⇄ रविदास घाट
- किराया: ₹500 प्रति व्यक्ति
🔋 सोलर पैनल और आधुनिक सुविधाएं
इस हाइड्रोजन वाटर टैक्सी में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें शामिल हैं:
- ☀️ सोलर पैनल
- 🚻 बायो-टॉयलेट
- 📷 CCTV निगरानी प्रणाली
- 🪑 आरामदायक सीटिंग
ये सभी सुविधाएं इसे पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित बनाती हैं।
🔮 भविष्य की योजना
प्रशासन की योजना है कि आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार अन्य घाटों तक किया जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को एक साफ-सुथरा जल परिवहन विकल्प मिलेगा।
🇮🇳 भारत के लिए क्यों है यह उपलब्धि खास?
यह परियोजना भारत के ग्रीन एनर्जी मिशन और नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल गंगा की स्वच्छता बनी रहेगी, बल्कि देशभर के अन्य शहरों को भी हाइड्रोजन आधारित परिवहन अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
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