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PM Kusum Yojana 2025 |
PM कुसुम योजना : फायदे का सौदा क्या है किसानों को अब सस्ते दाम पर मिलेंगे सोलर पंप का फायदा जाने कैसे आगे पूरा लेख पढ़ें।
PM Kusum Yojana 2025 :
किसानों की सिंचाई की लागत को कम करने और उन्हें ऊर्जा के वैकल्पिक साधन प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य की सरकारें मिलकर प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM-KUSUM) का प्रारंभ किया गया है जिसके तहत सोलर पंप खेत में लगाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है । इस योजना के द्वारा किसानों को खेत में सोलर पंप लगवाने के लिए भारी छूट का लाभ दिया जा रहा है। ऐसे में किसान इस योजना के द्वारा सोलर पंप लगवाकर 24 घंटे सिंचाई की सुविधा ले सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सस्ते बिजली में पूरा सिंचाई साथ में सस्ता पंप के द्वारा सौर ऊर्जा सिंचाई प्रणाली उपलब्ध कराना है, ताकि वे महंगी बिजली और डीजल की खपत मुक्त हो सकें।
आइए हम जानेंगे कि इस योजना के तहत अब कितनी होगी बचत और कितना होगा फायदा
अब सरकार ने योजना में किसानों के लिए लाभ ही लाभ घोषणा की है। सौर ऊर्जा पंप संयंत्रों पर GST दर 12 % से घटाकर 5 % कर दी गई है। GST में इस कटौती से किसानों को सोलर पंप की स्थापना पर सीधा 4,209 से 7,811 रुपए तक की फायदा होगी।
अब सोलर पंप होंगे और भी सस्ते पानी की समस्या होगी दूर
केंद्र सरकार की इस योजना से किसानों को सोलर पंप पहले की तुलना में काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराएंगे। सरकार का लक्ष्य यह है कि अधिक से अधिक किसान अपने खेतों में सौर ऊर्जा से चलने वाली पंप को लगवाए , जिससे सिंचाई लागत कम हो और कृषि की उत्पादन बढ़े। अभी तक राजस्थान सरकार ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 3 HP, 5 HP और 7.5 HP क्षमता वाले सोलर पंप की स्थापना पर किसानों को 60 % तक का अनुदान सीधा छूट (सब्सिडी) दिया जा रहा है।
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग किसानों को अतिरिक्त लाभ होगा
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों को 45,000 रुपए तक का अतिरिक्त अनुदान फायदा प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा किसान अपनी शेष लागत के लिए 30 % तक का लोन ऋण के रूप में बैंक से प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह किसान को स्वयं केवल 10 प्रतिशत राशि जमा करना पड़ेगा, जिसके बाद वह अपने खेत में सौर ऊर्जा पंप संयंत्र लगवा सकता है। कि अब किसान अपनी हिस्से की राशि नई दरों के अनुसार कम लागत पर जमा करा सकेंगे और सोलर पंप लगवाने की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर सकेंगे।
सौर ऊर्जा से सिंचाई, बिजली पर निर्भर एंड खपत खत्म
सौर ऊर्जा पंप संयंत्र की स्थापना के बाद किसान को सिंचाई के लिए अब बिजली कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होगा। इससे किसानों को दिन के समय फसलों की सिंचाई करने की सुविधा मिलेगी और उत्पादन क्षमता में सुधार होगा। डीजल और बिजली खर्च में कमी आने से खेती की लागत कम होगा और किसान की आमदनी बढ़ेगी। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में देशभर के सभी किसानों तक सौर ऊर्जा पंप का लाभ पहुंचाए जाएं। यह योजना “डबल इनकम” (किसानों की आय दोगुनी करने) के लक्ष्य को भी पूरा करेगी।
किसान कैसे करें सोलर पंप के लिए आवेदन
छत्तीसगढ़ में, कुसुम योजना के तहत 675 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन और 20,000 सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती से सस्ती बिजली उपलब्ध कराना और डीजल खपत पर निर्भरता कम करना है, साथ ही भविष्य में 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू किए जाएंगे। यह योजना कृषि और सौर ऊर्जा से जोड़कर किसानों की आय को बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की खपत को कम करने में मदद करती है।
कुसुम योजना के मुख्य बिंदु
१) 10,000 मेगावाट सौर ऊर्जा या नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना करना।
२) 14 लाख सौर कृषि पंपों की स्थापना, जो ग्रिड के द्वारा दूर के क्षेत्रों में उपयोगी हैं।
३) 35 लाख ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सौर ऊर्जा से संचालन करना है। इसमें किसान अपनी अतिरिक्त बिजली बेच कर अपनी आय दोगुनी सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में योजना के तहत
सौर ऊर्जा उत्पादन में 675 मेगावाट की सौर बिजली उत्पादन करने की क्षमता स्थापित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ में 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट प्रारंभ होंगे, जिससे ऊर्जा भंडारण में मदद मिलेगी।
किसानों को सस्ती और विश्वसनीय सिंचाई सुविधा मिलेगी।
किसानों की आय में वृद्धि होगी क्योंकि वे अतिरिक्त बिजली DISCOM को बेच सकते हैं।
डीजल आधारित पंपों के उपयोग से होने वाले प्रदूषण और लागत में कमी आएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी।
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पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना: किसानों के लिए सौर ऊर्जा से सिंचाई और आमदनी का नया रास्ता

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