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अब नहीं जरूरत पड़ेगी इंटरनेट का फ्री में चलेगी Live TV mobile में क्या आप जानते है आपका फोन अब 'मिनी टीवी' बनने वाला है? जानिए 5G से भी बड़ी लांच होने वाली टेक्नोलॉजी


अब नहीं जरूरत पड़ेगी इंटरनेट का फ्री में चलेगी Live TV mobile में   क्या आप जानते है आपका फोन अब 'मिनी टीवी' बनने वाला है? जानिए 5G से भी बड़ी लांच होने वाली टेक्नोलॉजी
D2M technology क्या है? 


D2M technology क्या है? अब मोबाइल में लाइव TV देखें बिना इंटरनेट के जाने कैसे?


बिना इंटरनेट के फोन पर फ्री चलेगा LIVE टीवी कैसे ?क्या है D2M टेक्नोलॉजी जिसके आने की संभावना क्या है। कैसे कम करेगी ये टेक्नोलॉजी कैसे चलेगा मोबाइल में फ्री लाइव TV पूरा लेख पढ़ें।

डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी के मदद से मोबाइल मार्केट में एक नई क्रांति आ गई है। इसकी मदद से आप बिना इंटरनेट के भी फ्री में एंड्रॉयड फोन से लाइव स्पोर्ट्स, फिल्में और वेब सीरीज देख पाएंगे जल्द ही। आइए जानते है क्या है यह टेक्नोलॉजी?

D2M (Direct-to-Mobile) टेक्नोलॉजी भारत के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

 1. D2M टेक्नोलॉजी: क्या आपका फोन अब 'मिनी टीवी' बनने वाला है? जानिए क्या यह 5G से भी बड़ी क्रांति है।
 2. क्या खत्म हुआ बफरिंग का युग! D2M टेक्नोलॉजी कैसे बदल सकती है आपके वीडियो देखने का अनुभव।
 3. क्या बिना इंटरनेट मिलेगा TV, बिना टावर मिलेगा नेटवर्क? समझिए भारत की 'डायरेक्ट-टू-मोबाइल' (D2M) पहल। 

 D2M टेक्नोलॉजी क्या है? 

सरल भाषा में कहे तो ये टेक्नोलॉजी एक लाइव ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी है (जैसे FM रेडियो), जो सेलुलर डेटा के बजाय स्पेक्ट्रम सिग्नल का उपयोग करके सीधे फोन पर कंटेंट भेजती है।
 इसका असली नाम:  'ब्रॉडकास्टिंग ओवर मोबाइल' (Broadcast over Mobile) या '5G ब्रॉडकास्ट' भी कहा जाता हैं।

आइए जानते D2M कैसे काम करता है?


D2M टेक्नोलॉजी के लिए फोन में एक खास चिप या फीचर की जरूरत होगी (जैसे FM रिसीवर), जो ब्रॉडकास्ट सिग्नल को पकड़ेगा। जिससे यह फ्री में मोबाइल TV का अनुभव प्रदान करेगी इसमें टेक्नोलॉजी OTT (Netflix, YouTube) से अलग है, जो डेटा का उपयोग करते हैं। जबकि D2M डेटा का उपयोग नहीं करता, जिससे इंटरनेट ट्रैफिक भी बहुत कम हो जाता  है।
इस टेक्नोलॉजी के आने के बाद इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ेगी सबसे बड़ा अंतर। आज 5G तेज डेटा देता है, लेकिन D2M ब्रॉडकास्टिंग के लिए डेटा की जरूरत को ही खत्म कर देता है।
 इंटरनेट फेल होने पर भी लाइव अलर्ट और सरकारी सूचनाएं तुरंत नागरिकों तक पहुंचेंगी।जिस जगह में  सेलुलर नेटवर्क कमजोर है, वहां भी TV और शिक्षा सामग्री आसानी से पहुंचेगी। नेटवर्क पर दबाव कम होगा जिससे जब लाखों लोग एक ही समय में कोई लाइव इवेंट (जैसे इलेक्शन रिजल्ट) देख सकते हैं।
D2M Technology  फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए जल्द ही एक नई टेक्नोलॉजी लेकर आने वाली है। यह डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) ब्रॉडकास्टिंग है। इस फीचर की मदद से बिना इंटरनेट के भी फीचर फोन पर लाइव स्पोर्ट्स, फिल्में और वेब सीरीज को आसानी से देख पाएंगे। यह सुविधा बहुत कम दाम में मिलने वाली 2,000 से 2,500 रुपये वाले फीचर फोन में भी मिलेगी। इसके लिए फोन्स में Saankhya Labs के चिपसेट का इस्तेमाल किया जाएगा। यह तकनीकी पूरे भारत में लागू होगी। इससे जियो और एयरटेल जैसी टेलीकॉम कंपनियों के रेवेन्यू पर भी असर पड़ सकता है।

क्या है D2M टेक्नोलॉजी का असली सच कब तक आएगी ये टेक्नोलॉजी ?


D2M एक ऐसी तकनीक है, जो मोबाइल फोन पर लाइव ओर फास्ट मल्टीमीडिया कंटेंट को पहुंचाती है। इसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी। संचार मंत्रालय ने D2M के कई खास फीचर्स बताए हैं। इसके खास फीचर्स में से एक यह है कि ये है कि यह मोबाइल के लिए ही बनी है और बिना किसी रुकावट के कंटेंट को लोगो तक पहुंचाती है। यह हाइब्रिड ब्रॉडकास्टिंग है। इसका मतलब है कि यह टेक्नोलॉजी रियल-टाइम और ऑन-डिमांड कंटेंट भी दे सकती है। साथ ही, इसके साथ भविष्य में इंटरैक्टिव सर्विस मिलना भी संभव हैं।

D2M तकनीक का आधार क्या है और कैसे काम करती है ये टेक्नोलॉजी?


यह टेक्नोलॉजी FM रेडियो की तरह ही काम करती है, जहां रिसीवर ट्रांसमिटेड सिग्नल को पकड़ता है। यह डायरेक्ट-टू-होम (DTH) ब्रॉडकास्टिंग जैसा भी मान सकते  है, जिसमें डिश डायरेक्ट एंटीना सीधे सैटेलाइट से सिग्नल लेता है और उसे सेट-टॉप बॉक्स जैसे रिसीवर तक पहुंचाता है। डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी की मदद से यूजर्स फीचर फोन पर बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी लाइव स्पोर्ट्स, बॉलीवुड फिल्में और OTT कंटेंट देख सकेंगे। दिल्ली और बेंगलुरु में इसके शुरुआती ट्रायल शुरू हो चुके हैं।

लावा ने बनाया D2M से लैस फोन कब मिलेगा ये फीचर वाला मोबाइल फोन?


लावा और HMD ने हाल ही में 2000 से 2500 के बीच कीमत वाले फीचर फोन बनाना शुरू कर दिया हैं, जो D2M कैपेबिलिटी (ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी) से लैस हैं। इनमें सांख्य लैब्स के डिजाइन किए गए चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है। ये फोन अभी प्रोटोटाइप हैं यानी अभी मार्केट में उपलब्ध नहीं हैं।
D2M टेक्नोलॉजी पहले से ही अस्‍ति‍त्‍व में है। अभी तक इसका उपयोग सिर्फ इमरजेंसी अलर्ट भेजने और आपदा के समय में क‍िया जाता था। सरकार का कहना है कि D2M से सीधे मोबाइल पर जानकारी पहुंचाई जा सकती है, जिससे नेटवर्क पर load नहीं पड़ेगा। आसान भाषा में कहें तो जहां नेटवर्क बहुत ही कमजोर हैं, वहां भी लोग आसानी से फोन में टीवी देख पाएंगे। 
IIT कानपुर द्वारा 2022 में पब्लिश किए गए एक पेपर 'D2M Broadcast 5G Broadband Convergence Roadmap for India' में बताया गया था कि मौजूदा मोबाइल डिवाइस D2M तकनीक को सपोर्ट नहीं कर सकते हैं। इन डिवाइस को कंपैटिबल बनाने के लिए एक अलग बेसबैंड प्रोसेसिंग यूनिट की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही एक एंटीना, लो-नॉइज एम्पलीफायर, बेसबैंड फिल्टर और एक रिसीवर की भी आवश्यकता होगी। यही वजह है क‍ि लावा और एचएमडी ने नए ड‍िवाइस बनाए हैं। इस टेक्नोलॉजी से एयरटेल, जियो जैसे टेलीकॉम कंपनियों को नुकसान हो सकता है, क्योंकि लोग ऑनलाइन कंटेंट देखने के लिए ज्यादा मोबाइल डेटा वाले प्लान से रिचार्ज करते हैं। ये प्लान काफी महंगे होते हैं। वहीं, D2M टेक्नोलॉजी के आने के बाद लोगों को इसके लिए इंटरनेट की जरूरत ही नहीं होगा। इससे टेलीकॉम कंपनियां के रेवेन्यू पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।हाल ही के एक रिपोर्ट में बताए गया है कि एक इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने अनुमान लगाया कि पूरे देश में D2M नेटवर्क शुरू करने के लिए लगभग 8,000 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसे जल्द लाया जा सकता है।

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