छत्तीसगढ़ में शीतलहर का हाई अलर्ट आने वाले 2दिन में बदलने वाला है मौसम का मिजाज देखें कितना गिरेगा पारा
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छत्तीसगढ़ में शीतलहर का हाई अलर्ट आने वाले 2दिन में बदलने वाला है मौसम का मिजाज देखें कितना गिरेगा पारा
छत्तीसगढ़ में अब ठंडी तेजी से बढ़ने वाली है। छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तेजी से शीतलहर चल रही है ।जाने मौसम का हाल राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में ठंड की वापसी लगभग नवंबर अंत तक होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। यही नहीं मौसम विभाग ने उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में शीत लहर चलने की आशंका भी जताई है।
ठंडी बढ़ने की आशंका है। पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क ही चल रहा है जिसके कारण ठंडी तेजी से लगाने लगी है। आने वाले 24 घंटों दौरान भी मौसम शुष्क ही रहेगा। नवंबर की शुरुआत में ठंड के अहसास के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में पुनः वृद्धि हो गई थी। इस कारण ठंड नवंबर की शुरुआत की तुलना में कम हो गई थी। ऐसा उम्मीद लगाया जा रहा है कि आने वाले 1- 2 दिनों में तक इसमें पुनः ठंडी में वृद्धि हो जाएगी।
हालांकि, इसके बाद आगामी 2 दिनों तक कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने के उम्मीद है। अभी बदली का नजारा न मिलने की संभावना है जिससे
ठंडी बढ़ने की आशंका है। पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क ही चल रहा है जिसके कारण ठंडी तेजी से लगाने लगी है। आने वाले 24 घंटों दौरान भी मौसम शुष्क ही रहेगा। नवंबर की शुरुआत में ठंड के अहसास के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में पुनः वृद्धि हो गई थी। इस कारण ठंड नवंबर की शुरुआत की तुलना में कम हो गई थी। ऐसा उम्मीद लगाया जा रहा है कि आने वाले 1- 2 दिनों में तक इसमें पुनः ठंडी में वृद्धि हो जाएगी।
पूरे प्रदेश में तापमान 30 डिग्री से नीचे चल रही है ।राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में पारा 30 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 29.2 डिग्री दुर्ग में दर्ज किया गया है। जबकि सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 6 डिग्री दर्ज हुआ है।
हिमाचल की सर्द हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में कंपकपी बढ़ गई है ।छत्तीसगढ़ हिमाचल की सर्द हवाओं ने एक बार फिर कंपकपाना शुरू कर दिया है। पूर्व में खाड़ी में चल रही चक्रवाती परिसंचरण भूमध्यसागरीय प्रायदीप के क्षेत्र में सुष्टप अवदाब बनकर दक्षिण भारत के राज्यों को भिगो रहा है। अण्डमान सागर में सक्रिय लो-प्रेशर भी अब तूफान का रूप ले लिया है लेकिन छत्तीसगढ़ पर इसका विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना कम ही है।
सरगुजा में सर्वाधिक ठंड पड़ रही है इस बार नवम्बर मध्य से ही शहर सहित पूरे सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है। खाड़ी में चल रही चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से हवा की दिशा बदल कर दक्षिण एवं पूर्व हो गई थी जिससे शीतलहर से राहत मिल गई थी तथा न्यूनतम पारा 10.0 के आसपास पहुंच गया था। लेकिन चक्रवाती परिसंचरण के भूमध्यसागरीय प्रायदीप क्षेत्र की ओर अग्रसर होने के बाद एक बार फिर हवा की दिशा बदल कर उत्तर-पश्चिमोत्तर हो गई है। जिससे ठंड बढ़ गई है।
बुधवार को न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। हवा की दिशा बदलने के बाद पिछले तीन दिनों से उत्तर एवं पश्चिमोत्तर की हवाएं हिमालय के बर्फ एवं राजस्थान के रेगिस्तान की ठण्डक को लेकर छत्तीसगढ़ पहुंच रही हैं जिससे भरी ठंड लगने लगी है।जिससे रात के तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। देखा गया है कि बुधवार को तापमान सामान्य 4.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने के कारण एक बार फिर सरगुजा हमेशा की तरह छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक ठण्डा इलाका बन गया है। मौसम विभाग द्वारा बुधवार को न्यूनतम तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
मैनपाट पहुंचने लगे पर्यटक ठण्ड बढ़ने के साथ ही छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में दूर-दूर के पर्यटकों का आवागमन शुरू हो गया है। पूर्व में दिसम्बर में अधिक ठण्ड पड़ने पर दूर-दूर के पर्यटक समय बिताने आते रहते है। इस बार एक सप्ताह पूर्व से ही मैनपाट में पर्यटकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है तथा पर्यटन विभाग के दोनों होटल पिछले एक सप्ताह से आगामी दिनों तक के लिए फुल है।
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