कहीं आपके face या आवाज का ग़लत इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है ? क्या है deep fake technology आइए जानते है
डीप फेक टेक्नोलॉजी की असलियत क्या है? इसका उपयोग कहीं ग़लत तो नहीं हो रहा? डीप फेक टेक्नोलॉजी पर नियम और कानून क्या है? What is deep fake technology? Is its usage being wrong? What are the rules and regulations related to deep fake technology? डीप फेक टेक्नोलॉजी एक उन्नत कृत्रिमबुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक है, जिसका प्रयोग करके किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाजों को बेहद सटीक विधि से किसी अन्य व्यक्ति पर लागू किया जा सकता है। यह तकनीक मुख्य रूप से डीप लर्निंग (Deep Learning) और जेनरेटिव एडवर्सेरियल नेटवर्क्स (GANs) का उपयोग करती है। डीप फेक का अर्थ क्या है? “डीप फेक” शब्द “डीप लर्निंग” और “फेक” (नकली) से मिलकर बना है। इसका मतलब है कि AI के द्वारा वास्तविक व्यक्ति की तरह दिखने या सुनने वाले नकली वीडियो, ऑडियो या छवियाँ बनाया जाता है। डीप फेक किस प्रकार काम करता है? 1. डेटा संग्रह : सबसे पहले, AI मॉडल को किसी व्यक्ति की तस्वीरें, वीडियो और आवाज़ के डेटा पर प्रशिक्षित किया जाता है। 2. डीप लर्निंग एल्गोरिदम : डीप लर्निंग एल्गोर...